फतेहपुर, जून 5 -- फतेहपुर। जिस लूट की घटना छिपाने में खाकी दागदार हो गई, वह फर्जी निकली। पुलिस की जांच में भुक्तभोगी ने कबूल किया कि किसानों से कर्ज से बचने के लिए उसने झूठी सूचना दी थी, उसने कबूला कि नगदी और मोबाइल उसके घर पर है। अब पुलिस फर्जी लूट का राजफाश करने की तैयारी में है। लेकिन दो थानेदारों और एक चौकी प्रभारी के निलंबन की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। वहीं अधिकारियों का तर्क है कि पुलिस कर्मियों ने अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ते हुए सूचना को छिपाने का प्रयाास किया है। सूचना सही है या फर्जी यह जांच का विषय है।

पुलिस की जांच बता दें कि किशनपुर थाना के नरैनी गांव निवासी पशु व्यापारी शमशाद अहमद ने एक जून की शाम विजयीपुर चौकी पहुंच उसने सूचना दी थी कि सतुवापुर व पौली गांव के मध्य उसके साथ बोलेरो सवार दो लोग व बाइक सवार दो लोगों ने ...