नई दिल्ली, जुलाई 9 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पत्नी और पड़ोसियों पर हमले का आरोप लगाने वाली शख्स की पोल उसकी ओर से पेश फर्जी मेडिकल रिपोर्ट ने ही खोल दी। तीस हजारी कोर्ट ने मेडिकल साक्ष्यों में गड़बड़ी और मनगढ़ंत कहानी के आधार पर दर्ज मामले में पत्नी और तीन पड़ोसियों को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि पति ने रंजिश का बदला लेने के लिए यह झूठा केस दर्ज कराया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अंकुर पंघाल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि शिकायतकर्ता उमेश कुमार के दावों और उसकी मेडिकल रिपोर्ट में काफी अंतर है। उमेश ने आरोप लगाया था कि दस अगस्त 2015 को उसकी पत्नी सुनीता, पड़ोसी राजनाथ, वीरेंद्र और शोभनाथ ने उसे आनंद पर्वत इलाके में घेरकर पीटा था। इस दौरान राजनाथ ने उसके पेट के दोनों तरफ धारदार हथियार से वार किए थे। हालांकि...