आगरा, फरवरी 26 -- सदर निवासी प्रदीप ने झारखंड के युवक के कागजात और सैलरी स्लिप का दुरुपयोग कर 4.56 लाख रुपये का लोन ले लिया। किस्तें बंद होने पर करीब साढ़े चार साल बाद फाइनेंस कंपनी की जांच में मामला खुला। बजाज फाइनेंस लि. के सहायक प्रबंधक अविनाश कश्यप ने हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि फर्जी सैलरी स्लिप बनाकर असली दस्तावेजों पर अपना फोटो लगाकर लोन लिया गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संपर्क करने पर असली प्रदीप ने खुद को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लि. बोकारो में कार्यरत बताया। स्पष्ट किया कि उनका किसी लोन या बैंक से कोई संबंध नहीं है।

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