औरैया, अगस्त 5 -- गलत मीटर रीडिंग और मनमाने बिजली बिल से परेशान एक महिला उपभोक्ता को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से राहत मिली है। आयोग ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को निर्देश दिया है कि 3 दिसंबर 2025 के बाद का बिजली बिल वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर बिना किसी ब्याज और दंड के जारी किया जाए। साथ ही पीड़िता को 1500 रुपये क्षतिपूर्ति और 1500 रुपये वाद व्यय, कुल 3000 रुपये 45 दिनों के भीतर अदा किए जाएं। मधुपुर निवासी शांति देवी की ओर से अधिवक्ता संजीव पांडेय ने आयोग के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि उनकी मुवक्किल एक किलोवाट के विद्युत कनेक्शन की नियमित उपभोक्ता हैं और समय-समय पर बिजली बिल का भुगतान करती रही हैं। आरोप है कि मीटर रीडर ने गलत डेटा फीड कर दिया, जिससे उपभोक्ता को गलत बिल जारी किया गया। उन्होंने बताया कि मीटर में तकनीकी खरा...