बरेली, मई 12 -- बरेली, विधि संवाददाता। टैक्स असिस्टेंट का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर ट्रेनिंग कराने के मामले में फास्ट ट्रैक प्रथम राघवेंद्र मणि की कोर्ट ने आरोपी अभिषेक सक्सेना की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी क्राइम संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मुकेश कश्यप ने थाना भोजीपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि फेसबुक के द्वारा एकता सेवा समिति की अध्यक्ष एकता आनंद और उपाध्यक्ष अभिषेक सक्सेना से मुलाकात हुई। दोनों ने टैक्स असिस्टेंट की नौकरी दिलाने के नाम पर मुकेश कश्यप और उसके भाई गौतम से 19 लाख 88 हजार की रकम ठगकर आयकर विभाग दिल्ली में ट्रेनिंग भी दिलाकर फर्जी प्रशिक्षण पत्र भी दिलाये। ठगो ने फर्जी आपउंटमेंट लेटर, कन्फरमेसन लेटर, सेलरी पे आउट देकर ठगी की। ठगी का अहसास होने पर रकम वापस मांगने पर उसे चैक बाउंस के मामले में फसा दिया।

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