बाराबंकी, जुलाई 30 -- बाराबंकी। न्यायालय कोर्ट संख्या 17 ने फर्जी कूटरचित अभिलेख से आधार कार्ड बनाने के मामले में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने दो अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा छह-छह हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। देवा कोतवाली पर छह साल पहले फर्जी अभिलेख से आधार कार्ड बनवाने की सूचना मिली थी। तहरीर मिलते ही पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तत्कालीन विवेचक ने विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत पर दाखिल कर दिए थे। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अभियुक्त सिन्धबाज, सोनिध निवासी तिलिया कटारा जिला इटावा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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