मुजफ्फरपुर, फरवरी 27 -- नेपाल और बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ की बुनियाद फर्जी दस्तावेजों पर बनाई जाती है। सीमा के दोनों ओर पहचान के जाली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह सक्रिय हैं। घुुसपैठियों के आवास प्रमाणपत्र से पासपोर्ट तक नकली बना लिए जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के सामने घुसपैठ रोकने के साथ ही इस फर्जीवाड़े पर नकेल कसने की दोहरी चुनौती है। सीमांचल के अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी जिलों में फर्जी दस्तावेज बनाने का धंधा तेजी से जड़ें जमा रहा है। इन इलाकों में जाली दस्तावेज बनाने वालों, नशे व हथियारों के सौदागरों और मानव तस्करी करने वाले गिरोहों का गठजोड़ सिंडिकेट की तरह काम करने लगा है। इसमें होने वाली अवैध कमाई का लालच इस पार के लोगों को भी इस दलदल में धकेल रहा है। सीमांचल म...
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