हरदोई, जून 15 -- बिलग्राम, संवाददाता। बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के ककराखेड़ा गांव में फर्जी अनुमति पत्र के आधार पर बेची गई जमीन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में अनुमति पत्र फर्जी पाए जाने पर संबंधित भूमि को राज्य सरकार के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं फर्जी हस्ताक्षर कर अनुमति पत्र जारी करने वालों के खिलाफ पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। उपजिलाधिकारी एन. राम ने बताया कि ककराखेड़ा गांव निवासी रामकुमार ने अपनी तीन बीघा जमीन का बैनामा रामकिशोर के नाम किया था। बैनामे के बाद जब दखल-खारिज की प्रक्रिया के लिए फाइल तहसील पहुंची तो उसके साथ लगाए गए भूमि विक्रय अनुमति पत्र की जांच कराई गई। जांच में अनुमति पत्र फर्जी पाया गया। एसडीएम ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग का कोई व्यक्ति बिना सक्षम प्राधिका...