सिद्धार्थ, सितम्बर 15 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक जय प्रकाश शुक्ल को दिव्यांगता सर्टिफिकेट के फर्जीवाड़ा मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही की पोल खुलने लगी है। यह वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक लगभग डेढ़ दशक से दिव्यांगता का आईडी-पासवर्ड चला रहा है। इन 15 वर्षों के बीच दिव्यांगता कार्यक्रम के लिए कई बाबुओं को पटल का चार्ज मिला, लेकिन वरिष्ठ निरीक्षक की सेटिंग इतनी मजबूत थी कि बाबुओं को सिर्फ ड्राफ्टिंग (पत्र तैयार करने आदि) तक ही सीमित रखा गया। ऐसे में अब शिक्षा विभाग में बीच-बीच में उठने वाले फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट को लेकर शक की सुई गहरी होती जा रही है। अगर इसकी गंभीरता से जांच हो जाए तो कई बड़े राज खुलने तय हैं。 यह भी पढ़ें- Bareily News: दिव्यांग प...