जमशेदपुर, दिसम्बर 21 -- जमशेदपुर। विधायक और दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रणेता सरयू राय ने कहा है कि फरवरी 2026 में दामोदर नदी का फिर से अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन में जर्मनी के पर्यावरणविद हस्को भी साथ देंगे। उन्होंने दोहराया कि हमें नदी को गंदा करने से बचना चाहिए, क्योंकि हर मानसून में नदी स्वयं को साफ कर लेती है। युगांतर भारती, नेचर फाउंडेशन और आईआईटी (आईएसएम) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित झारखंड के जंगल और उद्योग : संभावनाएं, संतुलन और सतत विकास पर एक दिवसीय संगोष्ठी और युगांतर भारती की वार्षिक आमसभा को बतौर अध्यक्ष संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत जितने भी कड़े कानून बनाए जा सकते थे, बनाए गए। अब इनसे ज्यादा कड़े कानून नहीं बनाए जा सकते। हम भारतीय लोगों ने तय कर लिया है कि चाहे कितने भी प्रावधान क्यों...
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