फतेहपुर, मई 27 -- फतेहपुर। पिता-पुत्र को जिंदा जलाने के मामले में कोर्ट ने साले-बहनोई समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 15 साल पहले प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद से जुड़ा था, जिसमें आरोपियों ने घर में आग लगाकर पिता-पुत्र की जान ले ली थी। शासकीय अधिवक्ता प्रमिल श्रीवास्तव ने बताया कि गाजीपुर के गांव चक काजीपुर निवासी सूर्यकली पत्नी स्वर्गीय लालता ने गांव के ही कृष्णपाल उर्फ नेता, सुरेश विश्वकर्मा, राजू, हरछठी, देशराज, नांद, रामराज, छोटेलाल, कल्लू तथा हुसैनगंज के तौफा गांव निवासी सुरेश के साले राजेन्द्र विश्वकर्मा के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि एक आरोपी की बेटी को उसके परिवार का एक लड़का अपने साथ कहीं...