हल्द्वानी, मार्च 23 -- हल्द्वानी। फतेहपुर रेंज के जंगलों में दहशत का पर्याय बने बाघ के 'नरभक्षी' होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार लंबा होता जा रहा है। वन विभाग द्वारा रेस्क्यू किए गए इस बाघ को रामनगर के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखे हुए लगभग तीन हफ्ते पूरे होने को हैं, लेकिन देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्लूआईआई) से अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। 2 महिलाओं को बनाया था निवालाफरवरी में फतेहपुर और आसपास के पनियाली इलाके में बाघ ने दो ग्रामीण महिलाओं को अपना निवाला बना लिया था। 12 फरवरी को पीपलपोखरा निवासी गंगा देवी और 25 फरवरी को पनियाली निवासी कमला फर्त्याल पर बाघ ने तब हमला किया, जब वे जंगल में घास काटने गई थीं। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया था। कड़े संघर्ष और कई दिनों की घेराबंदी के बाद ...