फटे जूतों की तलाश में एक फुटबॉलर
नई दिल्ली, जून 13 -- हैदराबाद में बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट होने वाला था। उसके लिए टीमें तय हो रही थीं और टीम में शामिल होने के लिए खिलाड़ी तैयार हो रहे थे। जो घर से संपन्न खिलाड़ी थे, उन्हें कोई चिंता नहीं थी, पर एक गरीब खिलाड़ी था, जो एक जोड़ी जूते के लिए स्थानीय मोची के पास गुहार लगा रहा था। मोची ने साफ कहा, उसके पास वैसा जूता नहीं है। तब युवा ने बिल्कुल गिड़गिड़ाते हुए कहा, 'कृपया, आप मेरे लिए जूते का इंतजाम कर दीजिए, वरना मैं टूर्नामेंट में खेल नहीं पाऊंगा। मैं गरीब हूं, खरीद नहीं पाऊंगा और बगैर जूते मुझे कोई खेलने नहीं देगा।' यह सुनकर मोची ने कुछ नरम पड़ते हुए कहा, 'मुझे किसी पुलिस वाले का पुराना जूता भी मिल जाए, तो मैं खेलने लायक जूते बना दूंगा।' अब सवाल खड़ा हुआ कि पुराना पुलिसिया जूता कहां मिलेगा? किसी पुलिस वाले से दूर-दूर तक कोई प...
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