अलीगढ़, मई 27 -- (राष्ट्रीय सनस्क्रीन दिवस) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। भीषण गर्मी और उमस के बीच त्वचा रोग अब गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। हालात इतने चिंताजनक हैं कि फंगस पर असर करने वाली एंटीफंगल दवाइयां भी अब बेअसर साबित होने लगी हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज की क्लीनिकल स्टडी में सामने आया है कि स्टेरॉयड युक्त क्रीमों के अंधाधुंध इस्तेमाल ने फंगस को 'म्यूटेट' कर दिया है, जिससे उसमें दवाओं के प्रति 85.6 प्रतिशत तक प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है। इसका असर यह है कि मरीज महीनों तक इलाज कराने के बावजूद संक्रमण से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पा रहे। गर्मी के इस मौसम में ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक त्वचा रोगी पहुंच रहे हैं। यह भी पढ़ें- तपिश और गर्मी के कारण बढ़े चर्म रोग के मरीजविशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों के अनुसार 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग सब...