बागपत, जुलाई 2 -- सड़क सुरक्षा को अधिक प्रभावी और पुख्ता बनाने के लिए हर साल प्रयास किए जाते है। करोड़ों रुपये का बजट भी सुरक्षा के नाम पर खपाया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है। आज भी नेशनल हाईवे हो, एक्सप्रेस वे हो या फिर लिंक रोड, यहां पर अव्यवस्था कदम-कदम पर नजर आती है। कुछ सड़कों पर तो सफेद पट्टी तक नहीं लगाई गई है। इसके अलावा मुख्य चौक चौराहे पर संकेतक तक नहीं लगाये गये है। यहीं कारण है कि यहां पर सबसे अधिक हादसे हो रहे है। सबसे अधिक परेशानी ईस्र्टन पेरीफेरल एक्सप्रेस वे यानि ईपीई और दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे और दिल्ली-देहरादून इकॉनामिक कॉरिडोर के मर्जर पॉइंट पर हो रही है। इन मर्जर पॉइंट पर न तो संकेतक लगे है और न ही जैबरा लाइट, जिसके चलते यहां वाहन आपस में टकराते है। दिल्ली-दून कॉरिडोर के मर्जर पॉइंट पर तीन माह के भीतर हुए सड़क...