बागपत, दिसम्बर 7 -- जिलेभर में बंदरों का खौफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा। लोगों पर हमला करने के साथ ही बंदर किसानों की फसलों को भी चौपट कर रहे है। बंदरों के खौफ से निजात पाने के लिए लोग अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे है, लेकिन अधिकारी बंदरों को पकड़वाने का आश्वासन देकर उन्हें कार्यालयों से टरका देते है। परेशान लोग अधिकारियों के कार्यालयों से लेकर आईजीआरएस तक पर शिकायत करते है, तो वन विभाग वन्य जीव अधिनियम की गाइडलाइन का हवाला देकर नगर निकायों ओर ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लेता है। जिलेभर का शायद ही कोई गांव ऐसा बचा होगा, जिसमें बंदर न हो। बागपत, बड़ौत और खेकड़ा के साथ रटौल, लहचौड़ा, सिंगौली तगा, डगरपुर, विनयपुर, भगौट, बड़ागांव, मुबारिकपुर, महरमपुर, सैदपुर, बसी, सुंहेड़ा, सुभानपुर, अब्दुलपुर, खट्टा प्रहलादपुर, पाबला, सलावतप...
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