जमशेदपुर, जुलाई 8 -- दुनियाभर में तेजी से घटते जीवाश्म ईंधन भंडार और लगातार कड़े होते उत्सर्जन मानकों के बीच वैज्ञानिक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश में जुटे हैं। इसी दिशा में किए गए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में प्लास्टिक कचरे से तैयार तेल (वेस्ट प्लास्टिक ऑयल-डब्ल्यूपीओ) को डीजल इंजन के लिए एक प्रभावी वैकल्पिक ईंधन के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यह शोध एनआईटी जमशेदपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर दुलारी हांसदा ने वीर सुरेंद्र साईं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, ओडिशा के अमर कुमार दास और अच्युत कुमार पांडा तथा जीआईएफटी, भुवनेश्वर के आलोक कुमार महापात्रा के साथ मिलकर किया है। शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित साइंस डायरेक्ट जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक न केवल पर्यावरण के लिए गंभ...