पाकुड़, अप्रैल 10 -- स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में बनाए गए लाखों रुपये की लागत वाले प्लास्टिक अपशिष्ट पृथक्कीकरण केंद्र आज बदहाली का शिकार हैं। पंचायतों को कचरा मुक्त बनाने के लिए स्थापित ये केंद्र अब खुद गंदगी से पटे पड़े हैं और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं। इन केंद्रों के निर्माण को महीनों बीत चुके हैं। लेकिन अब तक इनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। परिणामस्वरूप पंचायतों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह ठप है और चारों ओर गंदगी फैली हुई है। प्रखंड के बाबूपुर, हाथकाठी के गोविंदपुर समेत कई पंचायतों में स्थिति लगभग एक जैसी है। कहीं केंद्रों के मुख्य गेट टूटे हुए हैं। तो कहीं परिसर में कचरे का अंबार लगा हुआ है। बाबूपुर केंद्र के अंदर बिखरी शराब की खाली बोतलें यह दर्शाती हैं कि यह स्थान अब असामाजि...
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