दरभंगा, मार्च 26 -- दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व विज्ञान संकायाध्यक्ष एवं डब्ल्यूआईटी के पूर्व निदेशक रसायनविद प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा की मैथिली पुस्तक को स्नातक के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। प्रो. मिश्रा ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित उनकी पुस्तक 'भारत भाग्य विधाता भाग-क ' को नयी शिक्षा पद्धति के स्नातक कक्षा के छठे सेमेस्टर में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के मैथिली साहित्य के एमजेसी-11 पत्र में अनुशंसित किया गया है। इसके लिए उन्होंने पाठ्यक्रम निर्माण समिति के सदस्य लनामिवि के पूर्व मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो. दमन कुमार झा एवं सभी अन्य सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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