रांची, मार्च 19 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने प्रोबेट और लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से संबंधित सूट पर लगाए गए 10 प्रतिशत कोर्ट फीस को अवैध और अमान्य करार दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि किसी संपत्ति के मूल्य का 10 प्रतिशत शुल्क वसूलना उचित नहीं है और यह आम लोगों के लिए अत्यधिक बोझ बन जाता है। अदालत ने इसे असंगत बताते हुए निरस्त कर दिया। खंडपीठ ने आदेश दिया कि अब ऐसे मामलों में भी सामान्य सिविल सूट की तरह अधिकतम तीन लाख रुपये ही कोर्ट फीस ली जाएगी। इसके साथ ही याचिका का निष्पादन कर दिया गया। इस संबंध में विवेक गौरव ने याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि झारखंड में कोर्ट फीस में वृद्धि के बाद टाइटल सूट के लिए अधिकतम तीन लाख रुपये शुल्क तय किया गया था, जबकि प्रोबेट और लेटर ऑफ एडमिनिस...