नई दिल्ली, जून 3 -- 1964 में राजश्री प्रोडक्शन एक खास फिल्म बना रहे थे। इस फिल्म का नाम था दोस्ती। दो दोस्तों, मजबूरी, गरीबी पर बेस्ड ये फिल्म आज भी ऑडियंस को रुला देती है। इस फिल्म को बनाने के दौरान का किस्सा बहुत मजेदार है। दरअसल, इस फिल्म की कहानी इतनी इमोशनल कर देने वाली थी कि इसके लिए खास म्यूजिक की जरूरत थी। कई बड़ा कंपोजर इस प्रोजेक्ट को अपने हाथ में लेने के लिए तैयार नहीं था। फिर मेकर्स ने इसके गाने की जिम्मेदारी उस समय के नए म्यूजिक कंपोजर की जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को दी। इस जोड़ी ने फिल्म के लिए एक धुन बनाई जिसे मेकर्स ने कचरा समझ कर रिजेक्ट कर दिया। फिर उस कचरा कहे जाने वाली धुन से जो गाना बना उसने इतिहास रच दिया।प्रोड्यूसर ने धुन को बताया कचरा म्यूजिक कंपोजर की जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने फिल्म दोस्ती के लिए गई धुनें बनाई ...