रिषिकेष, मार्च 7 -- डोईवाला क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली चीनी मिल के अस्तित्व पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में गन्ने के रकबे में आई भारी कमी ने मिल प्रबंधन और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अनधिकृत रूप से कृषि भूमि पर हो रही प्लॉटिंग और भूमि विक्रय के कारण गन्ने का क्षेत्रफल 758 हेक्टेयर (लगभग 9500 बीघा) तक घट गया है। ​​आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि स्थिति कितनी विकट है। पेराई सत्र 2021-22 में जहां 2701 हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती होती थी, वहीं वर्तमान सत्र 2025-26 में यह सिमटकर मात्र 1943 हेक्टेयर रह गई है। रकबा घटने का सीधा असर मिल को होने वाली गन्ने की आपूर्ति पर पड़ा है। वर्ष 2021-22 में समिति ने मिल को 13.54 लाख कुंतल गन्ना सप्लाई किया था, जो इस वर्ष घटकर केवल 9.07 लाख कुंतल रह गया है। डोईवाला की अर्...