मुंगेर, मार्च 25 -- असरगंज, निज संवाददाता। श्री सरस्वती सेवा समिति के सौजन्य से आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन मंगलवार को श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा वाचिका अर्चना भारती ने पुष्प वाटिका प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब प्रभु श्रीराम जनक की वाटिका में गुरु के पूजन के लिए पुष्प लेने जाते हैं, उसी समय माता सीता अपनी सखियों के साथ गिरिजा पूजन के लिए मंदिर पहुंचती हैं। श्रीराम माली से अनुमति लेकर पुष्प तोड़ते हैं और गुरु के पास ले जाते हैं। गुरु द्वारा पूजा के उपरांत उन्हें आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं माता सीता को भी गौरी माता का आशीर्वाद मिलता है। यही आशीर्वाद आगे चलकर सीता-राम विवाह का मंगल सूत्र बनता है। कथा वाचिका ने कहा कि भगवान सर्वत्र व्याप्त हैं, लेकिन सच्चे प्रेम से ही उनके दर्शन संभव ...