मुंगेर, सितम्बर 28 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान प्रतिनधि। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार को भगवती के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की गई। भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। मां का यह रूप प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। पंडित कौशल किशोर पाठक ने बताया कि शिव और शक्ति के मिलन से स्कंद(का्ति्ततकेय) का जन्म हुआ, इसलिए मां के पांचवें स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। उन्हें शक्ति,विजय और मातृत्व का प्रतीक माना गया है। उनकी पूजा से शांति, सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। पांचवीं पूजा के साथ ही दुर्गा मंदिरों में भीड़ बढ़ने लगी है। शक्तिपीठ चंडिका स्थान में काफी भीड़ रही। अहले सुबह तीन बजे से लोग शक्तिपीठ जाने लगे। भक्तों के मां चंडिके के जयघोष से शक्तिपीठ गंुजता रहा। मंदिर में सुबह से दोपहर तक भक्तों का तांता ...
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