प्रेमी से शादी और बेटा होने के बाद हरिद्वार से कांवड़ ला रही रूबी
बागपत, अगस्त 6 -- बागपत। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल भक्ति का पर्व नहीं, कुछ लोगों के लिए यह जीवन के बदलाव की गवाही भी बन जाती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है रिवाडी हरियाणा निवासी रूबी और अमित की, जिनकी प्रेम कहानी नीलकंठ धाम से सफल परिणय तक पहुंची। रूबी और अमित अलग-अलग जातियों से थे। दोनों में वर्षों से प्रेम था, लेकिन परिवार और समाज इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। हालात ऐसे बने कि दोनों को घर छोड़ने तक का विचार आ गया, लेकिन फिर उन्होंने फैसला किया कि किसी रिश्ते को तोड़कर नहीं, जोड़कर आगे बढ़ेंगे। दोनों ने आस्था का सहारा लिया और हरिद्वार के पास स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में भोलेनाथ के दर पर माथा टेका। यह भी पढ़ें- परिवार की सुख-शांति के लिए कांवड़ उठा रही महिलाएं यहीं मन्नत मांगी कि परिवार का आशीर्वाद मिल जाए। कुछ ही दिनों में हालात बद...
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