प्रेमचंद तानाशाही, फांसीवाद, पूंजीवाद व सामंती प्रथा के थे सख्त खिलाफ
सीवान, अगस्त 10 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जनवादी लेखक संघ के बैनर तले कन्हैयालाल जिला केन्द्रीय पुस्तकालय के सभागार में मुंशी प्रेमचंद की 146 वीं जयंती समारोह पूर्वक रविवार को मनाई गई। वर्तमान फांसीवादी दौर में प्रेमचंद साहित्य पर आयोजित विचार गोष्ठी में अरुण कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक स्तर पर असहिष्णुता व फांसीवादी प्रवृतियां बढ़ रही हैं। प्रेमचंद तानाशाही, फांसीवाद, पूंजीवाद व सामंती प्रथा के सख्त खिलाफ थे। इसकी अनुगुंज उनके साहित्य में मिलता है। वे जनता को मानसिक गुलामी से मुक्त करना चाहते थे, इसलिए जनता को शिक्षित करना चाहते थे।
विचार गोष्ठी की चर्चा अधिवक्ता रविन्द्र सिंह ने कहा कि आज हम नव फांसीवाद के युग में हम जी रहे हैं। इसमें राज सीधे-सीधे शासन नहीं करता, बल्कि संस्थाओं पर कब्जा क...
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