प्रेमचंद को समझना है तो पढ़ना होगा : डॉ मिथिलेश
पलामू, अगस्त 1 -- मेदिनीनगर,प्रतिनिधि। इप्टा की सांस्कृतिक पाठशाला की 100वीं कड़ी में शनिवार को प्रेमचंद की बात विषय पर निर्वाणा होटल में चर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रगतिशील लेखक संघ, झारखंड के महासचिव डॉ मिथिलेश ने कहा कि प्रेमचंद को समझने के लिए उन्हें पढ़ना जरूरी है। यह भी पढ़ें- मुंशी प्रेमचन्द ने साहित्य को बनाया समाज का दर्पणप्रेमचंद का साहित्य उन्होंने कहा कि आज लोग व्हाट्सएप में इतने व्यस्त हैं कि पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। प्रेमचंद ने समाज में बदलाव के लिए कलम उठाई थी, इसलिए वे आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रेमचंद की चर्चा होती है तो हिंदी साहित्य की भी चर्चा होती है। यह भी पढ़ें- पाठ व विचार गोष्ठी का आयोजन हुआसाहित्य और समाज उन्होंने उत्तर प्रदेश में महापंडित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा तोड़े जाने औ...
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