प्रेमचंद की 'एक्ट्रेस' में प्रेम और आत्मत्याग का द्वंद्व
वाराणसी, सितम्बर 7 -- वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से रविवार को 'सुनो मैं प्रेमचंद' कार्यक्रम का 2028वां अंक संपादित हुआ। इसमें प्रेमचंद की कहानी 'एक्ट्रेस' का पाठ प्रदेश की वरिष्ठ रंगधर्मी कुसुमरानी मिश्रा ने किया। कहानी पाठ में नाटक के तत्वों का समावेश करके उन्होंने कथानक की रोचकता और बढ़ा दी। पाठ के बाद उनका सम्मान ट्रस्ट के संरक्षक प्रो.श्रद्धानंद, डॉ.रामसुधार सिंह, प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव एंव ट्रस्ट के निदेशक राजीव गोंड ने किया। कहानी की समीक्षा करते हुए प्रो.श्रद्धानंद ने कहा कि 'एक्ट्रेस' केवल रंगमंचीय अभिनेत्री और रईस व्यक्ति की प्रेमकथा नहीं है। यह प्रेम, स्त्री-अस्तित्व, उम्र, सामाजिक प्रतिष्ठा, नैतिकता और आत्मत्याग के जटिल प्रश्नों को उठाने वाली महत्वपूर्ण रचना है।
कहानी के महत्वपूर्ण पहलू डॉ.रामसुधार स...
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