प्रेम, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है श्रीकृष्ण रुक्मणि विवाह
बांका, मई 26 -- शंभूगंज (बांका), एक संवाददाता। शंभूगंज के सातपट्टी गढ़ी कुरमा में चल रहे श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन वृंदावन से पधारी कथावचिका श्यामा किशोरी ने श्रीकृष्ण रुक्मणि विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिए। उन्होंने बताया कि श्रीहरि और रुक्मणि का विवाह प्रेम, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। रुक्मणि श्रीकृष्ण को देखे बगैर मन से अराध्य मान लिया। जबकि पिता और भाई रुक्मणि का विवाह शिशुपाल से कराने लगे। रुक्मणि ने साहस दिखाते हुए संपूर्ण परिवार का विरोध किया, फिर योजना तैयार कर अपहरण कर लिया। कथावाचिका ने बताया कि जहां सच्चा प्रेम और निष्काम भक्ति होती है, ईश्वर वहां दौड़े चले आते हैं। कथा को बीच - बीच में भागवत भजन सुन श्रोता झूमने पर विवश हो रहे हैं। भागवत कथा के आयोजन से गढ़ी कुरमा गांव के अलावा रायपुरा, चटमा बाजार...
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