नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले (प्री-ट्रायल) जेल में रखे जाने को बिना ट्रायल के ही सजा में बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। जमानत देने के मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसला देते हुए शीर्ष अदालत ने मुकदमे की तेजी से और त्वरित सुनवाई के आरोपी के अधिकार की रक्षा करने की वकालत की है।

जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने 'जल जीवन मिशन' से जुड़े सैकड़ों करोड़ रुपये से टेंडर में अनियमितता से जुड़े मामले में राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता महेश चंद्र जोशी और मुकेश पाठक को नियमित जमानत देते हुए यह टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने आरोपियों को जमानत देते हुए कहा 'मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले (प्री-ट्रायल) जे...