मेरठ, अप्रैल 22 -- बाबा औघड़नाथ मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को अंतिम दिन कथावाचक ने भगवान श्रीराम विवाह का प्रसंग सुनाया। विधि विधान से कथा स्थल पर व्यास पूजन के बाद कथावाचक अखिलदास महाराज ने श्रीराम कथा कहते हुए कहा कि विवाह के उपरांत राजा जनक ने अयोध्या से आई बारात का अत्यंत सम्मानपूर्वक स्वागत किया। जनकपुरी में कई दिनों तक बारात को आदर सहित ठहराया गया। बाद में गुरु की आज्ञा लेकर राजा जनक ने बारात को विदा किया। इस दौरान माता सीता की विदाई का भावुक प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सास, ससुर और गुरुजनों की सेवा को जीवन का मुख्य आधार बताया और पति के साथ धर्मपूर्वक जीवन व्यतीत करने का संदेश दिया। यह भी पढ़ें- श्रीराम कथा श्रवण कर श्रद्धालु झूमे अखिलदास महाराज ने कहा कि प्रार्थना के माध्यम से व्यक्ति के जीवन में सकारात्म...