नई दिल्ली, अप्रैल 12 -- एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से सवाल पूछा कि हम प्रार्थना करते हैं, लेकिन भगवान इच्छा पूरी नहीं करते हैं। जबकि दूसरों की बिना प्रार्थना किए ही इच्छाएं पूरी हो जाती है, क्यों? चलिए जानते हैं प्रेमानंद महाराज जी ने इस सवाल के जवाब में क्या कहा। महाराज जी बताते हैं कि मनुष्य का वर्तमान जीवन उसके प्रारब्ध (पिछले कर्मों) के अधीन होता है। कभी-कभी हमारे पूर्व कर्मों का वेग इतना प्रबल होता है कि वर्तमान की छोटी-मोटी प्रार्थना उसे काट नहीं पाती। जैसे एक बड़ी आग को बुझाने के लिए थोड़े से पानी की बूंदें काफी नहीं होतीं। यह भी पढ़ें- Akshaya Tritiya 2026: बिना पैसा खर्च किए अक्षय तृतीया पर मिलेगा पुण्य फलपूर्व जन्म के कर्म प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि जिसकी इच्छाएं बिना प्रार्थना के मिल रही है, उसकी वजह है कि उसने पूर्व जन्म क...
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