सहरसा, अगस्त 25 -- सहरसा। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पदस्थापन का असंतुलन शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। एक ओर कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में करीब दो हजार शिक्षक सरप्लस हैं, वहीं कक्षा छह से आठ तक में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। हाईस्कूल स्तर पर भी करीब तीन सौ शिक्षकों के पद खाली हैं। प्लस टू स्कूलों में भी कई विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। शिक्षकों के सही अनुपात में पदस्थापन नहीं होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। हाल के दिनों में विभाग के मानक मंडल अनुसार यह डाटा उभरकर सामने आया है। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की जरूरत तय की जानी है। इसके उलट प्राथमिक कक्षाओं में बड़ी संख्या में शिक्षक पदस्थापित कर रखे गए हैं। आंकड़े बताते हैं कि जिले ...