औरैया, दिसम्बर 16 -- औरैया, संवाददाता। शहर में हुए 27 वर्ष पुराने प्राणघातक हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारुल जैन की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए दो सगे भाइयों प्रेम नारायण उर्फ कुनमुन शुक्ला और विमल शुक्ला को 10-10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 7,750-7,750 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस कार्यालय के अनुसार यह मामला वर्ष 1998 का है, जो सदर कोतवाली क्षेत्र से संबंधित है। शहर निवासी राजेश दुबे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 अक्टूबर 1998 की दोपहर करीब एक बजे वह अपने भाई अरविंद दुबे के साथ दीपावली के मौके पर एक मित्र के घर जा रहे थे। जैसे ही...
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