प्राचीन विरासत और आधुनिक विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ना है: रामदेव
हरिद्वार, मई 21 -- हरिद्वार, संवाददाता। स्वामी रामदेव ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन सनातन संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आहुति हैं। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत केवल परंपरा नहीं, बल्कि मानवता को दिशा देने वाला शाश्वत सत्य है। यह बातें उन्होंने हरकी पैड़ी स्थित मालवीय घाट पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कही। गुरुवार को श्रीगंगा सभा के तत्वावधान में आयोजित कथा के चौथे दिन श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के प्रकटोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म लीलाओं का ऐसा मार्मिक चित्रण किया कि श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। यह भी पढ़ें- हरकी पैड़ी पर गूंजा भागवत का अमृत, शुकदेव परीक्षित प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु स्वामी रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.