दरभंगा, मई 11 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। प्राचीन भारत का वैश्विक ज्ञान में योगदान विशाल है जो गणित, विज्ञान, दर्शन, खगोल विज्ञान और आध्यात्मिकता जैसे क्षेत्रों को समाहित करता है और मानव सभ्यता को गहराई से प्रभावित करता है। शून्य का आविष्कार, दशमलव प्रणाली, योग और आयुर्वेद सर्वमान्य हैं, लेकिन भारत के कई कम ज्ञात योगदानों ने भी विश्व को आकार दिया है। लनामिवि के पीजी गणित विभाग में सोमवार को आयोजित सेमिनार में दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व गणित प्राध्यापक डॉ. अविनाश कुमार मिश्रा ने उक्त बातें कही। इंडियन नॉलेज सिस्टम और बौधायन विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि (लंब का वर्ग जोड़ आधार का वर्ग बराबर कर्ण का वर्ग) प्रमेय का श्रेय पाइथागोरस को देना एक ऐतिहासिक त्रुटि है जो औपनिवेशिक पूर्वाग्रहों और यूरो के्द्रिरत इतिहास लेख...