प्राचीन भारतीय ज्ञान में विज्ञान-प्रौद्योगिकी का अद्भुत संगम: प्रो. सरोज
रांची, अगस्त 21 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भौतिकी विभाग व झारखंड सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी व नवाचार परिषद की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत शुक्रवार को विश्वविद्यालय के मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में हुई। ई श्रोडिंगर के प्रतिपादित समीकरण को समर्पित इस सम्मेलन की अध्यक्षता कुलपति प्रो सरोज शर्मा ने की। अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, अभियंत्रण व प्रौद्योगिकी परस्पर जुड़े हुए क्षेत्र रहे हैं। विज्ञान सत्य की खोज, अभियंत्रण संरचनात्मक योजना और प्रौद्योगिकी उपकरण व तकनीक से संबंधित है। उन्होंने कहा कि आर्यभट्ट व भास्कराचार्य ने ग्रहों की गति, पृथ्वी की परिधि व खगोलीय गणनाओं से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत दिए। शून्य व दशमलव प्रणाली ने वैश्विक गणित क...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.