प्राचीन चिकित्सा पद्धति पर आज भी भरोसा
प्रयागराज, सितम्बर 23 -- प्रयागराज। बुधवार को आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। इसी दिन से शरद ऋतु की शुरुआत होगी और गुलाबी ठंड भी दस्तक देने लगेगी। पहले धनतेरस के दिन आयुर्वेद दिवस मनाया जाता था, लेकिन आयुष मंत्रालय की ओर से 2025 से तिथि में बदलाव कर दिया गया क्योंकि धनतेरस की तिथि हर साल बदलती रहती थी। बात अगर आयुर्वेद से इलाज की करें तो यह हमारे देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है और कोरोना के बाद इस पद्धति की ओर लोगों का झुकाव बढ़ा है। जिले में आयुर्वेद के 34 अस्पतालों की ओपीडी में हर माह 28 से 30 हजार मरीज आते हैं और इनमें प्रतिवर्ष लगभग 20 फीसदी वृद्धि हो रही है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नवीन सोनी के अनुसार जिले में 34 आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसमें करछना में 15 बेड, हंडिया और झूंसी में 25-25 बेड के दो अस...
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