प्रतापगढ़ - कुंडा, अप्रैल 12 -- कुंडा, संवाददाता। पर्यावरण संरक्षण का अर्थ है वनों, जल, मिट्टी, वायु और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना। यह बातें कालाकांकर में आयोजित पर्यावरण संरक्षण जागरुकता कार्यक्रम में सक्षम फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रणजीत सिंह ने कही। उन्होंने कहा वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है। यदि हम अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियो को स्वच्छ वायु, जल और हरियाली से वंचित होने के साथ ही गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। पर्यावरण असंतुलन से न केवल मानव जीवन बल्कि पशु पक्षियों के जीवन को भी खतरा होगा। कृषि विज्ञान केंद्र कालाकांकर के प्रभारी डॉ. नवीन सिंह ने कहा पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। अधिकाधिक पौधरोपण करें, जलस्रोतों की स्वच्छता बना...
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