सीतामढ़ी, जून 11 -- जीवछ मिश्रा पुपरी। कृषि विज्ञान केंद्र, सीतामढ़ी के प्रशिक्षण सभागार में "खेत बचाओ अभियान" के तहत प्राकृतिक खेती विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रामेश्वर प्रसाद तथा आत्मा के उप परियोजना निदेशक अजय मणि ने संयुक्त रूप से किया। यह भी पढ़ें- जैविक खेती और संतुलित पोषण प्रबंधन पर किसानों को किया जागरूकप्राकृतिक खेती के लाभ डॉ. रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि प्राकृतिक खेती कृषि की प्राचीन पद्धति है, जो भूमि के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखने में सहायक है। इसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता। गोबर खाद, कंपोस्ट, जीवाणु खाद तथा प्राकृतिक खनिजों के माध्यम से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही जैविक कीटनाशक...