प्राकृतिक खेती से कम होगी खेती की लागत, मिट्टी की सेहत भी रहेगी बेहतर
पूर्णिया, सितम्बर 16 -- जलालगढ़, एक संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ में प्राकृतिक खेती के महत्व, लाभ और व्यावहारिक तकनीकों को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि ग्राम विकास केंद्र श्रीनगर से आए करीब 30 महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों के अलावा केवीके में प्रशिक्षण ले रहीं रावे छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के.एम. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। डॉ. के.एम. सिंह ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती के महत्व और इसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर प्राकृतिक खेती में लागत को कम किया जा सकता है। इससे मिट्टी की सेहत बनाए रखने के साथ प्राकृतिक जैविक प्रक्रियाओं को बढ़ावा मिलता है और पर्यावरण संरक्षण में भी...
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