प्राकृतिक खेती से कम लागत, किसानों को मिल रही नई सोच और टिकाऊ खेती की राह
नई दिल्ली, जुलाई 7 -- किसान की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ फसल उगाना नहीं है। उसकी चिंता यह भी होती है कि खेती में खर्च कितना होगा, मिट्टी कितनी मजबूत रहेगी, फसल कितनी सुरक्षित होगी और बाजार में उसका भरोसा कैसे बनेगा। बीज, खाद, दवा, पानी और मजदूरी का खर्च बढ़े, तो किसान की कमाई पर सीधा असर पड़ता है। यहीं पर प्राकृतिक खेती एक नई दिशा देती है। यह खेती को फिर से मिट्टी, पानी, पशु, जैविक इनपुट और लोकल संसाधनों से जोड़ती है। इसमें बाहर से खरीदे जाने वाले केमिकल इनपुट पर निर्भरता घटाने और खेत के आसपास उपलब्ध चीजों से खेती को मजबूत करने पर जोर रहता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग का उद्देश्य भी मिट्टी की सेहत सुधारना, इकोसिस्टम को मजबूत करना और किसान की इनपुट लागत कम करना है। यूपी जैसे बड़े कृषि राज्य में यह सोच किसानों को नई प्लानिंग, कम खर्च और ज्...
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