बलिया, जुलाई 7 -- बलिया, संवाददाता। जिले में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) के तहत रिसोर्स सेंटर स्थापित होगा। इस व्यवस्था से एक ओर कृषि उत्पदों में बढ़ रहे रसायनिक का जहर पर लगाम लगेगा, वहीं मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति फिर से शक्तिशाली बन सकेगी और लागत में कमी आयेगी। योजना का सीधा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा।यह रिसोर्स सेंटर सरकारी भवन नहीं बल्कि प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण, बीज उत्पादन, जीवामृत-घनजीवामृत बनाने तथा बिक्री के लिए बाजार सुलभ करायेगा। मिशन की विशेषता यह है कि प्राकृतिक खेती अब अकेले नहीं बल्कि समूह में होगी। यह सेंटर 'किसान-से-किसानी सीखने' का मॉडल होगा। कृषि विभाग 50 एकड़ या उससे अधिक जमीन को मिलाकर 'प्राकृतिक खेती क्लस्टर' बनाएगी, जिसमें कम से कम 50 किसान जोड़े जाये...