हापुड़, जुलाई 9 -- देश के विभिन्न जिलों में बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और दशपर्णी जैसे जैविक खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराना है। मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार ने यह लागू कर दिया है। जिसके तहत हर जिले में कृषि कार्यालय में आवेदन मांगे गए हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (एनएमएनएफ) के तहत एक बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) स्थापित किया जाएगा। इसके लिए इच्छुक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), उद्यमियों और संस्थाओं से 15 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं।

कृषि विभाग की पहल जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानो...