गिरडीह, जून 30 -- बगोदर। 13 वर्षों की निष्ठा, धैर्य और संघर्ष के बाद एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने सहायक आचार्य के रूप में सरकारी सेवा में नई शुरुआत की है। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही वर्षों की तपस्या पूरी हुई और शिक्षक बनने का सपना साकार हुआ। रांची में सोमवार को मिले 1042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र में बगोदर के दोंदलो पंचायत के पडरिया के रहने वाले जितेन्द्र कुमार सिंह भी शामिल हैं। यह भी पढ़ें- बगोदर के 4 बेटे-बेटियों को मिली शिक्षक की नौकरीसफलता की कहानी अपनी सफलता की कहानी उन्होंने हिन्दुस्तान के साथ साझा किया है। उन्होंने कहा है कि यह सफलता मेरे लिए केवल एक सरकारी नौकरी प्राप्त करने की खुशी नहीं है, बल्कि वर्षों की तपस्या, विश्वास और निरंतर प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता की कहानी संघर्षों से भरी रही। पढ़ाई...