बाराबंकी, मार्च 27 -- रामसनेहीघाट। अयोध्या का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले रामसनेहीघाट में पर्यटन को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित राम कथा परिसर/रामायण संग्रहालय परियोजना अधिकारियों की उदासीनता का शिकार होती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना का हाल यह है कि जमीन आवंटन के करीब तीन वर्ष बाद भी धरातल पर कोई कार्य शुरू नहीं हो सका है। लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर भवनियापुर खेवली गांव के पास सड़क किनारे स्थित लगभग 15 बीघा चारागाह भूमि को पर्यटन विकास के उद्देश्य से चिन्हित किया गया था। खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री सतीश शर्मा के प्रयासों के बाद 6 नवंबर 2023 को तत्कालीन जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार झा और एसडीएम रामआसरे वर्मा की पहल पर शासन की अनुमति से इस भूमि को अभिलेखों में राम कथा परिसर के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद उम्मीद जगी थ...