सिद्धार्थ, अगस्त 2 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। स्वास्थ्य विभाग में सेवारत आशा कार्यकर्ताओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देना नियम में है, बावजूद जनपद भर में कार्यक्रम को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। आशा कार्यकर्ता प्रसव सेवा में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। मई माह में 818 आशा कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने एक भी प्रसव नहीं कराया है। इन पर विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यक्रम के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सेवाएं संचालित की जाती है। जिसके तहत जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखना, सुरक्षित प्रसव की सेवाएं उपलब्ध कराना शामिल है। इन सेवाओं को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय है। इन्हें अपने कार्यक्षेत्र में निवास करने वाली गर्भवती को सरकारी स्...