फरीदाबाद, मई 29 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। सेक्टर-3 एफआरयू-2 परिसर के बाहर खुले क्षेत्र में गर्भवती के प्रसव का मामला अब मानवाधिकार का गंभीर मुद्दा बन गया है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे मानव गरिमा, जीवन के अधिकार और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला माना है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बता दें कि मामला 15-16 मई की मध्यरात्रि का है। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को परिजन सेक्टर-3 स्थित एफआरयू लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल का मुख्य द्वार बंद मिला और काफी देर तक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ तथा आपातकालीन सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। इसी दौरान महिला ने अस्पताल परिसर के बाहर पार्किंग क्षेत्र में बच्चे को जन्म दिया...