मुजफ्फरपुर, मार्च 13 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। प्रसव पूर्व जांच के दौरान सिफलिस की जांच अनिवार्य की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में सभी जिलों को निर्देश दिया है। इसके लिए सभी जिलों को जांच किट की आपूर्ति की जा रही है। सिफलिस के साथ एचआईवी की जांच भी अनिवार्य की गई है। साथ ही दोनों की रिपोर्ट विभाग को भेजने का भी निर्देश दिया गया है। सदर अस्पताल में स्त्री व प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेरणा सिंह ने बताया कि सिफलिस में महिलाओं के जननांग में अल्सर या घाव हो जाता है। इस बीमारी के होने से प्रसव के दौरान नवजात में भी संक्रमण होने का खतरा रहता है। बीमारी का लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत अस्पताल आना चाहिए। छह हफ्ते तक इसकी दवा दी जाती है। जननांग के अलावा जांघ के ऊपरी हिस्से में भी मरीज को घाव होता है। डॉ प्रेरणा ने बताया कि यह बीमारी ...
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