कानपुर, सितम्बर 21 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। गर्भावस्था के दौरान बाएं स्तन में महसूस हुई गांठ सात महीने में तेजी से बढ़कर विशाल आकार में पहुंच गई। प्रसव के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने करीब 5.2 किलो वजन का फाइलोड्स ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला। जटिल शल्य प्रक्रिया के बाद मरीज की हालत फिलहाल संतोषजनक है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। मरीज ने करीब सात माह पहले गर्भावस्था के दौरान बाएं स्तन में गांठ महसूस की थी। गर्भावस्था के सातवें माह से गांठ का आकार तेजी से बढ़ने लगा। गर्भावस्था के करीब आठवें महीने में जुलाई 2026 में वह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की सर्जरी ओपीडी पहुंचीं। चिकित्सकों ने भर्ती कर आवश्यक जांचें कीं। जांच के बाद गांठ को फाइलोड्स ट्यूमर के रूप में चिह्नित किया गया। चूंकि उस समय मरीज गर्भवती थी, इसलिए जच्चा-बच्...